October 31, 2026 — 4:41 AM
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कभी-कभी खुद के लिए जीना भी जरूरी होता है
कभी-कभी ऐसा लगता है कि हम अपनी जिंदगी में सबके लिए जी रहे हैं, लेकिन खुद के लिए हमारे पास बिल्कुल भी समय नहीं बचता। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, दिमाग में न जाने कितनी बातें चलती रहती हैं। किसी की उम्मीदें पूरी करनी हैं, किसी को खुश रखना है, किसी की […]
August 13, 2026 — 12:53 PM
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मेरी खुली डायरी
कभी-कभी मन में बहुत कुछ होता है, लेकिन उसे कहने के लिए सही शब्द नहीं मिलते। इसलिए मैंने सोचा कि अपनी बातों को इस खुली डायरी में लिखूँ—बिना किसी झिझक के, बिना किसी डर के। यह डायरी मेरी छोटी-छोटी खुशियों, सपनों, उलझनों और रोज़मर्रा की जिंदगी के उन पलों की साथी है, जिन्हें शायद हम […]